त्रिलोकी में किसी भी तरह की हानि से बचाएगा मां बगलामुखी का मंत्र जाप माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। सारे ब्रह्मांड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती। शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद-विवाद में सफलता के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा जातक का जीवन निष्कंटक हो जाता है। किसी छोटे कार्य के लिए 10000 तथा असाध्य से लगने वाले कार्य के लिए इनके एक लाख मंत्र का जाप करना चाहिए। बगलामुखी मंत्र के जाप से पूर्व बगलामुखी कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए। व्यष्टि रूप में शत्रुओं को नष्ट करने की इच्छा रखने वाली शक्ति ही बगला है। पितांबराविद्या के नाम से विख्यात बगलामुखी की साधना प्राय: शत्रु के भय से मुक्ति और वाकसिद्धि प्राप्त करने के लिए की जाती है। इनकी उपासना में हल्दी की माला, पीले फूल और पीले वस्त्रों का विधान है। इनका द्विभुज चित्रण अधिक आम है और सौम्या के रूप में वर्णित हैं। बगलामुखी मंत्र ऊँ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ऊँ नम: इस मंत...